esi esiesi



   चिकित्सा अपीलीय न्यायाधिकरण
       राज्य सरकार क.रा.बी.अधिनियम की धारा 54ए और क.रा.बी.नि.(केन्द्रीय) नियम 1950 के नियम 20 ए तथा क.रा.बी.(सामान्य) विनियम 1950 के विनियम 76 के प्रयोजनार्थ राज्य सरकार चिकित्सा अपीलीय न्यायाधिकरण का गठन करती है .
      चिकित्सा अपीलीय न्यायाधिकरण में राज्य सरकार का एक न्यायिक अधिकारी होता है जिसका स्तर कर्मचारी बीमा न्यायालय के न्यायाधीश से ऊँचा नहीं होना चाहिए . उसकी सहायता के लिए मामला चिकित्सा की जिस शाखा से संबंधित हो, उसके पैनल में राज्य चिकित्सा सेवा के एक या एक से अधिक वरिष्ठ विशेषज्ञ होंगे .  इसके अलावा इस प्रयोजन के लिए मान्यताप्राप्त श्रमिक संगठनों से राज्य सरकार द्वारा नामित कर्मचारी भी मदद करेंगे .
चिकित्सा अपीलीय न्यायाधिकरण की प्रक्रिया विधि
      बीमाकृत व्यक्ति या निगम, जो भी चिकित्सा बोर्ड के निर्णय से असंतुष्ट हो, निर्णय की सूचना मिलने की तारीख से 3 महीने के भीतर फॉर्म बी.आई.5 में चिकित्सा अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील कर सकता है . न्यायाधिकरण 3 महीने की अवधि के बाद भी आवेदन स्वीकार कर सकता है, यदि वो इस बात से संतुष्ट हो कि अपीलकर्ता के पास निर्धारित समय सीमा में आवेदन न कर पाने के पर्याप्त कारण हैं .
      न्यायाधिकरण चिकित्सा बोर्ड के निर्णय को पूर्णत: या आंशिक रूप से कायम रख सकता है, उलट सकता है अथवा बदल सकता है .

परस्पर सन्दर्भ

  • चिकित्सा बोर्ड / विशेष चिकित्सा बोर्ड को संदर्भन
  • चिकित्सा बोर्ड द्वारा निर्णय की समीक्षा
  • व्यवसायजन्य रोगों के लिए विशेष चिकित्सा बोर्ड   

संबंधित लिंक्स
रोजगार चोट
व्यावसायिक रोग
अपंगता हितलाभ
चिकित्सा बोर्ड

क्या आप जानते हैं ?
न्यायाधिकरण के निर्णय के विरुद्ध कर्मचारी बीमा न्यायालय में अपील की जा सकती है .